Robort kiyosaki Ki chetavani ab lakhon niveshak barbad ho sakte hain

रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी: अब लाखों निवेशक बर्बाद हो सकते हैं | Infoz

रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी: अब लाखों निवेशक बर्बाद हो सकते हैं

जब बात आती है वैश्विक अर्थव्यवस्था और निवेश की — तो नाम आता है Robert Kiyosaki का। “Rich Dad Poor Dad” के लेखक ने हाल ही में एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है: “MASSIVE CRASH BEGINING, Millions will be wiped out. Protect yourself.” उनके शब्दों में अब निवेशक को सजग होना चाहिए क्योंकि सोना-चांदी और क्रिप्टोकरेंसी जैसी संपत्तियों में अचानक तेज गिरावट के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

क्या है उनके पीछे का कारण?

कियोसाकी का मानना है कि पारंपरिक आर्थिक साधन जैसे स्टॉक्स, बॉन्ड्स और बैंक जमा अब सुरक्षित नहीं रहे। वे कहते हैं कि ये सिर्फ “पेपर्स” हैं, असली संपत्ति नहीं। इसके मुकाबले सोना, चांदी, और क्रिप्टो जैसे बिटकॉइन/एथेरियम को उन्होंने सुरक्षित बंद्री माना है।

उनका विश्लेषण इस प्रकार है: अमेरिका सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था में कर्ज, मुद्रास्फीति, केंद्रीय बैंकिंग नीतियाँ और डॉलर की मजबूती ऐसे कारक हैं जिनमें जोखिम बहुत बढ़ गया है। ऐसे समय में जब “rate-cut” चक्र चल रहा हो, अतीत में 2000, 2007, 2020 जैसी मंदी का अवलोकन हुआ है।

सोना-चांदी-क्रिप्टो: क्या खेल बदल गया?

हाल के नियमों और बाज़ार के दबाव ने देखा है कि सोना और चांदी की कीमतें गिर रही हैं; बिटकॉइन भी रिकॉर्ड हाई के बाद दबाव में है।

कियोसाकी कह रहे हैं, “Silver, gold, Bitcoin, Ethereum investors will protect you.” — यह बयान उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया।

निवेशक के लिए क्या संकेत हैं?

  • अगर आप “safe” सोने-चांदी में निवेश कर रहे हैं, तो अभी समय है दोबारा हिसाब लगाने का।
  • क्रिप्टो मार्केट जोड़ा जोखिम के साथ है; उतार-चढ़ाव ज्यादा होंगे।
  • बाज़ार की अस्थिरता देखने को मिल रही है, इसलिए पोर्टफॉलियो में विविधता बहुत ज़रूरी है।
  • “Fake money” — यदि आपने सिर्फ बैंक डिपॉज़िट या फ़िएट करेंसी में भरोसा रखा है, तो यह समय सोचने का है।

भारत में इसका असर

भारत में जैसे ही यह चेतावनी आई, निवेशक भारत-विशिष्ट परिस्थितियों की तरफ ध्यान देने लगे हैं। सोना-चांदी की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय दबाव और डॉलर की मजबूती ने भारतीय मंडियों को प्रभावित किया।

वहीं, क्रिप्टोकरेंसी में उतार-चढ़ाव ने युवा निवेशकों की आँखें खोल दी हैं। यदि ब्रिटिश डॉलर/अमेरिकी डॉलर समेत प्रमुख मुद्राएँ अस्थिर हों, तो भारत जैसे देश में जोखिम और भी बढ़ जाता है।

क्या यह सिर्फ एक चेतावनी है या लगेगा मंदी का सूचक?

विश्लेषक कह रहे हैं कि कियोसाकी की इस चेतावनी में दो बातें मिल रही हैं — एक तरफ इतिहास की समीक्षा, दूसरी तरफ वर्तमान को देखने की तीव्रता। उन्होंने पहले भी कई बार इस तरह के अलर्ट दिए हैं।

हालाँकि कुछ बाज़ार विशेषज्ञ कहते हैं कि “Markets don’t just crash, they rotate” — यानि घटना का स्वरूप बदल जाता है, क्रैश नहीं भी हो, पर कैरेक्टर बदलता है।

कियोसाकी की सलाह: क्या करें?

– अपनी वित्तीय स्थिति को तुरंत देखिए — कर्ज, फिक्स्ड डिपॉज़िट, ऍप/क्रिप्टो एक्सपोज़र और इमरजेंसी फंड।
– निवेश को सिर्फ “उम्मीद” पर मत आधारित कीजिए; खतरे का मूल्यांकन करें।
– यदि पोर्टफॉलियो में सिर्फ एक प्रकार की संपत्ति है, तो विविधता लाने पर विचार करें।
– क्रिप्टो और कीमती धातुओं को “खतरे से बचाव” के रूप में समझें, “तीव्र मुनाफे” के रूप में नहीं।

क्या हो सकता है अगले 6-12 महीने?

यदि वैश्विक आर्थिक संकेत कमजोर बने रहे, तो हम निम्नलिखित संभावनाएँ देख सकते हैं:

  • स्टॉक मार्केट में तेज़ गिरावट — विशेष रूप से अमेरिका और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में।
  • कीमती धातुओं में अस्थिरता — उन्हें बचने का साधन मानने वालों को धोखा भी मिल सकता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी में दहशत-मुक्ति — उच्च उतार-चढाव जारी रहे सकता है।
  • निवेशक भावना में बदलाव — उधारी, मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक नीति-निर्णय सबसे बड़ा रोल करेंगे।

निष्कर्ष

रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी समय-साथ महत्वपूर्ण लगती है। चाहे आप निवेशक हों या आपको वित्तीय सुरक्षा की चिंता हो, यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि “असली समय” आ सकता है जब सिर्फ जागरूक और तैयार लोग ही बच पाएँगे।

यदि आपने अभी तक Infoz पर नहीं देखा है, तो अभी जाकर देखें — और इस विषय पर हमारी अन्य रिपोर्ट्स भी पढ़ें।

और याद रखिए — “Protect yourself” तभी सार्थक होगा जब आप समझ-बुझ कर चलें।


Sources: Aaj Tak, Moneycontrol, The Economic Times

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