Cyber Thagi क्या है? — कैसे होती है, और इससे कैसे बचें (2025)
डिजिटल दुनिया में बढ़ती ठगी के नए रूप — UPI से लेकर सोशल मीडिया तक। इस आर्टिकल में हमने सरल भाषा में बताने की कोशिश की है कि साइबर ठगी (Cyber Thagi) क्या है, 2025 में सबसे ज्यादा देखने को मिलने वाले तरीके, और 10 प्रभावी बचाव उपाय।
लेखक: Manoj Jarwal • प्रकाशित: November 21, 2025 • श्रेणी: साइबर सुरक्षा
Cyber Thagi क्या है?
Cyber Thagi—जिसे अक्सर Online Fraud कहा जाता है—ऐसा अपराध है जिसमें धोखेबाज़ इंटरनेट, मोबाइल ऐप्स, सोशल मीडिया या डिजिटल पेमेंट चैनल्स के जरिए लोगों को धोखा देकर पैसे, व्यक्तिगत जानकारी या बैंक-क्रेडेंशियल्स चुरा लेते हैं। यह पारंपरिक चोरियों से अलग इसलिए है क्योंकि अपराधी शारीरिक रूप से सामने नहीं होते — सब कुछ स्क्रीन के जरिए होता है।
सरल शब्दों में
अगर किसी ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके आपको पैसे देवा दिए या आपकी निजी जानकारी लेकर ठगा — वह Cyber Thagi है।
2025 में सबसे ज़्यादा देखने को मिलने वाले Cyber Thagi के प्रकार
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UPI और Payment App Fraud
- Phishing लिंक भेजकर बैंक लॉगिन/UPI डिटेल माँगना।
- QR code स्कैम — नकली QR दिखाकर पेमेंट करवाना।
- Payment request के नाम पर ट्रैप।
- Fake Customer Care Scam — कॉल या मैसेज में बैंक/सेवा का दिखावा कर OTP या KYC लिंक माँगना।
- Social Media Account Hacking — Instagram, Facebook, WhatsApp अकाउंट का login लिंक भेजकर OTP चुराना।
- Job Offer Scam (Work From Home) — हाई-पे रोल ऑफर दिखाकर advance payment या personal details माँगना।
- KYC Update Scam — fake KYC form भेजकर बैंक या payment app की डिटेल चुराना।
- Lottery & Online Shopping Scam — आपने जिता है या भारी डिस्काउंट दिखाकर advance payment करवाना।
अपराधी ये ठगी कैसे करते हैं? (उनके तरीके)
- नकली बैंक/आधिकारिक वेबसाइट के पेज बनाकर phishing करना।
- Fake apps या modified apps बनाकर users से credentials लेना।
- डेटा लीक करके social engineering करना—parivaar से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल।
- AI-voice cloning से रिश्तेदार की आवाज बनाकर पैसे माँगना।
- Fake profile बनाकर emotional trap लगाना और फिर पैसे मंगवाना।
नोट: 2025 में AI-tools भी scamming में इस्तेमाल हो रहे हैं — voice-cloning और personalised phishing messages बनाना अब आसान है।
Cyber Thagi से खुद को कैसे बचाएँ? — 10 सबसे असरदार Tips
- OTP और बैंक डिटेल किसी को मत बताएं: बैंक, UPI या किसी कस्टमर-केयर वाला कभी भी OTP/पासवर्ड नहीं माँगता।
- QR स्कैन करने से पहले seller/receiver verify करें: सार्वजनिक जगहों पर QR स्कैन करते समय amount confirm करें।
- ऐसी किसी भी लिंक पर क्लिक न करें जो अनजान हो: WhatsApp/Facebook पर आये लिंक से पहले sender से voice में confirm करें।
- App केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें: Play Store/App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें और permissions जाँचें।
- दो-स्टेप वेरिफिकेशन और Strong password रखें: password manager का उपयोग सुझाया जाता है।
- KYC/Bank updates केवल आधिकारिक चैनल्स पर करें: link से नहीं, बैंक की official website या ऐप से ही लॉगिन करें।
- संदिग्ध कॉल/मैसेज का रिकॉर्ड रखें: यदि किसी ने पैसे माँगे या धोखा दिया तो कॉल-लॉग और screenshot सेव करें।
- सार्वजनिक Wi-Fi से ऑनलाइन बैंकिंग न करें: सार्वजनिक नेटवर्क असुरक्षित होते हैं—VPN का उपयोग करें।
- यदि ठगा गया है — तुरंत बैंक और ऐप को रिपोर्ट करें: ट्रांजैक्शन रिवर्सल और FRAUD रिपोर्ट के लिए तुरंत संपर्क करें।
- नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें: छोटी-छोटी अनऑथोराइज़्ड डेबिट पर भी ध्यान दें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएँ।
अगर आप ठगे गए तो क्या करें?
- तुरंत अपने बैंक को कॉल करें और UPI/BHIM ऐप में transaction block/complaint दर्ज कराएँ।
- आधिकारिक पोर्टल पर FIR दर्ज कराएँ — स्थानीय पुलिस स्टेशन या cyber cell में शिकायत दें।
- यदि OTP या पासवर्ड泄露 हुआ हो तो सभी पासवर्ड बदलें और दो-स्टेप verification लगाएँ।
- सभी संबंधित स्क्रीनशॉट और कॉल-लॉग संभाल कर रखें — आगे की कार्रवाई में मदद मिलती है।
बढ़िया प्रैक्टिस (Organisations और Schools के लिए)
- Regular cyber-awareness workshop रखें।
- Sensitive data को encrypt करें और सिर्फ जरूरी व्यक्तियों को access दें।
- Security updates और patches समय पर लागू करें।
किसे रिपोर्ट करें — उपयोगी लिंक
नीचे आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोत हैं जहाँ आप साइबर घटनाएँ रिपोर्ट कर सकते हैं या और जानकारी पा सकते हैं:
इंटरनल पोस्ट (आपके ब्लॉग पर) — संबंधित लेख
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q: क्या बैंक कभी OTP या पासवर्ड पूछेगा?
A: नहीं। बैंक/UPI कभी भी आपको OTP/पर्सनल पासवर्ड नहीं बताएगा या नहीं माँगेगा। ऐसे कॉल/मैसेज हमेशा स्कैम होते हैं।
Q: अगर मैंने गलती से लिंक पर क्लिक कर दिया तो क्या करूँ?
A: तुरंत ब्राउज़र/ऐप बंद करें, अपने बैंक और payment app को नोटिफाई करें और password/UPI PIN बदलें। साथ ही device को malware scan कराएँ।
Q: क्या public Wi-Fi पर बैंकिंग करना सुरक्षित है?
A: नहीं—public Wi-Fi अक्सर असुरक्षित होते हैं। ऐसे नेटवर्क पर बैंकिंग न करें; अगर करना जरूरी हो तो VPN उपयोग करें।
Q: अगर मुझे शंका है कि मेरा account hack हुआ है तो क्या पहला कदम होना चाहिए?
A: तुरंत account का password बदलें, 2-factor authentication ऑन करें और संबंधित सर्विस (बैंक/ई-मेल/सोशल मीडिया) को रिपोर्ट करें।

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